मां करणी के चमत्कार को नमस्कार सात साल से अरब में लापता इकलौता बेटा लोटा घर

जोधपुर/ मांडल पत्रिका ब्यूरो 

देशाने वाली मावड़ी कलयुग में भी अपने भक्तों को के लिए हाजिर है इसका जीवंत उदाहरण है रामलाल जी जो पिछले 7 वर्षों से  खाड़ी देश सऊदी अरब में थे  बाद में लौटकर नहीं आ पाए घरवाले की आंखें तरस गई अपने इकलौते बेटे के एक झलक देखने के लिए 

बाप को था मां करणी पर अटूट विश्वास

रामलाल जी के पिताजी देवाराम जी पिछले 1 साल से हर महीने मां करणी के दरबार में हाजिरी लगा रहे थे अपने बेटे की वापसी के लिए मां करणी से विनती करते थे मात्र एक साल में मां करणी ने उनकी सुन ली और उनके बेटे को उनके गांव पहुंचा दिया 

                    रामलाल जी के पिताजी ओरण में 

डोकरी के रूप में पिलाया पानी

रामदेव जी को रेगिस्तान में ऊंटो साथ छोड़ दिया जाता है और वह पिछले 6 साल से भूखे प्यासे नंगे पांव उंटो के साथ रह रहे थे एक दिन अचानक रामलाल जी वहां से भाग जाते हैं और सुनसान रेगिस्तान में पहुंच जाते हैं वहां उनके आसपास कोई नहीं होता है और धीरे-धीरे उनके आंखों के आगे अंधेरा छाने लगता है वह प्यास से तरस रहे होते हैं इस वक्त एक काले कपड़ों में बुड्ढी डोकरी  आती है और उन्हें पानी पिलाता है उनसे उनकी शुद्ध बुद्ध पूछती है उन्हें खाना खिलाती है और इसके बाद रामलाल जी बेहोश हो जाते हैं जैसे सुबह रामलाल जी उठते हैं तो वो अपने आप को एयरपोर्ट पर पाते हैं और पुलिस उनके साथ होती उनका पासपोर्ट उनके पास होता है और साथ ही उनके हाथ में टिकट होती है उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह कैसे यहां पहुंचे और जब उन्होंने पुलिस वालों से पूछा तो वह उनकी भाषा को नहीं समझ पा रहे थे तो वही एक हिंदुस्तानी व्यक्ति उन्हें समझाया कि आपका जो पासपोर्ट और वीजा आपके ही मालिक ने दिया है लेकिन रामलाल जी स्तंभ रह जाते हैं कि उनके मालिक को तो मरे हुए चार साल हो गए कैसे उनका मालिक वहां पहुंचा कैसे ये चमत्कार हुआ यह सब रामलाल जी के समझ बाहर था लेकिन मां करणी की कृपा से रामलाल जी अपने देश में पहुंच जाते हैं






 

रामलाजी बेटे के साथ

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